जहाज का कप्तान (बेंजामिन वॉकर) एक अमीर परिवार से आता है, लेकिन उसके पास समुद्री अनुभव की कमी है। वहीं, अनुभवी व्हेलर ओवेन चेज़ (क्रिस हेम्सवर्थ) को पहले अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है। कप्तान और चेज़ के बीच नेतृत्व और ईर्ष्या को लेकर तनाव रहता है।
जब जहाज प्रशांत महासागर में व्हेल का शिकार करने जाता है, तो उनका सामना एक विशालकाय सफेद व्हेल से होता है - जो आकार में असामान्य और अत्यंत खतरनाक है। यह व्हेल जानबूझकर उनके जहाज पर हमला करती है, जिससे डूब जाता है।
बचे हुए नाविक छोटी नावों में समुद्र में तैरने लगते हैं। 90 दिनों तक वे बिना खाने-पीने के, भीषण गर्मी, तूफान, भूख और प्यास से जूझते हैं। जीवित रहने के लिए उन्हें सबसे भयानक कदम उठाने पड़ते हैं – मरे हुए साथियों का मांस खाना।