उत्तर: अधिकांश इस्लामी विद्वानों के अनुसार, यदि कोई मुसलमान इसे तुलनात्मक अध्ययन या ज्ञान के लिए पढ़ता है (बिना इसे पूर्ण सत्य माने), तो यह अनुमत है। हालाँकि, धार्मिक नियमों के लिए केवल कुरान को ही अंतिम माना जाता है।
उत्तर: यहूदी मानते हैं कि हाँ, उनका स्क्रॉल सटीक है। इतिहासकार मानते हैं कि मूल पाठ तो नहीं बचा, लेकिन हजारों साल पुरानी हस्तलिखित प्रतियाँ (जैसे डेड सी स्क्रॉल) मौजूद हैं, जो लगभग वैसी ही हैं जैसी आज उपलब्ध हैं। सारांश (Summary) तौरेत सिर्फ एक धार्मिक पुस्तक नहीं है, बल्कि यह कानून, इतिहास और नैतिकता का एक अनूठा संगम है। चाहे आप इतिहासकार हों, धार्मिक अध्ययन कर रहे हों, या सामान्य ज्ञान बढ़ा रहे हों, तौरेत को समझना मानव सभ्यता की जड़ों को समझने जैसा है। नोट: यह जानकारी सामान्य अध्ययन और धार्मिक समझ के लिए दी गई है। यह किसी भी धर्म विशेष की आलोचना या पुष्टि करने का प्रयास नहीं करती। taurat kitab hindi